शिवाकांत पाण्डेय। कवरेज इंडिया प्रतापगढ़
पट्टी (प्रतापगढ़): कलियानापुर गांव में शुक्रवार की भोर में एक दर्दनाक घटना घटी। राम जियावन यादव पुत्र राजाराम के घर में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते उनके सपनों के आशियाने को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस अग्निकांड ने राम जियावन के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आँखों के सामने राख हुआ जीवन भर की कमाई:
जब तक गांव के लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। लगभग 50 बोरी सरसों, कीमती कपड़े, बर्तन और घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। राम जियावन और उनके परिवार के सदस्य अपनी आँखों के सामने अपनी जीवन भर की कमाई को जलते हुए देखने को मजबूर थे। ग्रामीणों ने आग बुझाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन उनके पहुँचने से पहले ही सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
खुले आसमान के नीचे जीवन:
इस हादसे ने राम जियावन के परिवार को बेघर कर दिया है। अब उनके पास रहने के लिए कोई छत नहीं है और खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है। गांव के लोग परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं और उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन से तत्काल राहत और सहायता की आवश्यकता है।
ग्रामीणों की मांग:
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए और उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस घटना की गहन जांच करनी चाहिए और आग लगने के कारणों का पता लगाना चाहिए।
प्रशासन से तत्काल सहायता की अपेक्षा:
राम जियावन और उनका परिवार इस समय गहरे सदमे में है और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस परिवार की मदद के लिए आगे आएं और उन्हें इस मुश्किल समय से उबरने में मदद करें।