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BJP विधायक के पहले कपड़े फाड़े फिर बीच सड़क पर नंगा कर के दौड़ा दौड़ा कर पीटा

कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली। खेती से जुड़े तीन कानूनों के खिलाफ पिछले 4 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं. किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. वहीं, शनिवार को किसान आंदोलन का एक अलग चेहरा भी सामने आया. नाराज किसानों ने पंजाब के भाजपा विधायक को पीट दिया. उनके कपड़े फाड़ दिए और उनके चेहरे पर कालिख पोत दी. पुलिस की मदद से उन्हें बचाया गया. भाजपा विधायक पर ये हमला मलोट शहर में हुआ.

 

दरअसल, पंजाब की अबोहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अरुण नारंग शनिवार को मलोट पहुंचे. अरुण नारंग यहां पंजाब सरकार के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आए थे. इसी दौरान उनपर ये हमला हुआ. वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. सीएम अमरिंदर ने साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से किसानों का मुद्दा सुलझाने की अपील भी की है. मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को इस हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है. डीजीपी गुप्ता ने बताया कि इस मामले में संदिग्ध लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

 

पहले से ही इंतजार में किसान

किसान पहले से ही भाजपा दफ्तर के सामने विधायक अरुण नारंग का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही नारंग अपनी कार में वहां पहुंचे. किसानों ने उन्हें घेर लिया और उन पर स्याही फेंक दी.

 

किसानों ने उनकी कार को भी काला कर दिया. पुलिस और भाजपा कार्यकर्ता नारंग को एक दुकान के अंदर ले गए. लेकिन बाद में जब नारंग बाहर आए, तो कथित तौर पर किसानों ने उन पर हमला कर दिया. उनके साथ मारपीट की. यहां तक कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिस किसानों से नारंग को बचाती हुई दिखाई दे रही है, जो विधायक को गाली देते रहे और पीटते रहे.

 

दो भाजपा नेताओं के साथ भी मारपीट

मलोट में किसानों ने आज सिर्फ भाजपा विधायक नारंग के साथ ही मारपीट नहीं की. बल्कि भाजपा के दो और नेताओं के साथ भी हाथापाई की. पुलिस भाजपा नेताओं को एक दुकान के अंदर ले गई और पीछे के रास्ते से उन्हें निकाला.

 

सूत्रों ने बताया कि हाथापाई के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी हल्की चोट लगी क्योंकि हाथापाई करीब एक घंटे तक जारी रही. भाजपा के नेता भी मलोट में भाजपा कार्यालय तक नहीं पहुंच सके, जहां उन्हें दोपहर 3 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी. किसानों ने भाजपा कार्यालय में पार्टी के झंडे भी जलाए

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