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शादी ब्याह पर आ गया योगी आदित्यनाथ का नया आदेश, विवाह समारोह से पहले पढ़ लें ये खबर

कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क गोरखपुर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडल में कोरोना नियंत्रण, कोविड टीकाकरण व इंसेफेलाइटिस उन्मूलन के संबंध में शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मंडलीय समीक्षा बैठक की। सीएम ने कहा कि जिलों में कोविड केस की संख्या का आंकलन कर नाइट कर्फ्यू का निर्णय डीएम ले सकते हैं। जिला प्रशासन ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे कोई भी सार्वजनिक आयोजन, विवाह समारोह या अन्य कार्यक्रम रात 10 बजे तक संपन्न हो जाएं। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। इसके अलावा उन्होंने सार्वजनिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि खुले स्थान पर 200 से अधिक और बंद स्थानों पर 100 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी है। आयोजनों में फेस मॉस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर व हैंडवॉश की उपलब्धता अनिवार्य रहेगी। सीएम ने कहा कि कोरोना का यह दूसरा फेज पहले चरण की भांति भले ही चुनौतीपूर्ण है। लेकिन इस पर सामूहिक प्रयास से काबू पाने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। कहा कि कोविड जांच में तेजी लाई जाए। आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाई जाए। एक व्यक्ति के संक्रमित मिलने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग के आधार पर कम से कम 25 लोगों की जांच कराई जाए। कोरोना जांच और टीकाकरण के लिए सरकार के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

 

कोविड मरीजों के इलाज में लगाए जाएं एंबुलेंस

सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में एंटीजन एवं आरटीपीसीआर की जांच निशुल्क होती है। इसमें अगर कही भी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। कहा कि जांच व इलाज में प्राइवेट अस्पताल निर्धारित रेट से अधिक धनराशि लें तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्पतालों में उपलब्ध 108 एम्बुलेंस की संख्या में आधे से अधिक कोविड के लिए लगाया जाए, जिससे की कोविड मरीजों को इलाज में असुविधा न हो सके।

 

गैर राज्यों से आने वाले लोगों की हो हर हाल में जांच

सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद गंभीर है। वहां से आने वालों का रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर कोविड टेस्टिंग हर हाल में कराया जाए। हर ग्राम पंचायत, वार्डो, नगर निकायों में निगरानी समितियां गठित कर उसे क्रियाशील करते हुए उनकी मदद ली जाए। निगरानी समितियों से निरंतर बातचीत हो। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में स्वास्थ्य एवं प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी की तैनात हो।

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