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Wednesday, January 26, 2022

साउथ अफ्रीका से आया मरीज दिल्ली में पाया गया कोविड पॉजिटिव, फिर मुंबई तक किया सफऱ, पढ़िए WHO ने क्या कहा

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कवरेज इंडिया न्यूज़ डेस्क

अफ्रीकी देशों में मिले कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन ने एक बार फिर से कोरोना के प्रकोप को लेकर चिंता बढ़ा दी है। काफी खतरनाक बताये जा रहे हैं इस वैरिएंट पर विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी कड़ी नजर बनाए हुए हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटा एक मरीज कोरोना संक्रमित पाया गया है। बता दें कि संक्रमित ने दिल्ली के रास्ते मुंबई तक का सफर किया।गौरतलब है कि 24 नवंबर को मुंबई के डोंबिवली निवासी 32 वर्षीय शख्स को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि मरीज कोविड -19 के ओमीक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित है या नहीं।

कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) की मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिभा पनपाटिल ने बताया, ‘शख्स ने केप टाउन से दुबई होते हुए दिल्ली की यात्रा की थी।’उन्होंने कहा कि दिल्ली में उसकी कोरोना जांच की गई। इसके बाद मुंबई के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट में उसने किसी तरह से जगह हासिल कर ली और मुंबई पहुंचने पर वह कोरोना संक्रमित पाया गया। हालांकि उसमें लक्षण नहीं हैं और उसने खुद को होम क्वारंटाइन रखा था। बाद में निगम ने उसे एक संस्था में आइसोलेशन में रखा।’केडीएमसी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने हवाई अड्डे के अधिकारियों को इस बारे में सतर्क कर दिया है और शख्स के साथ यात्रा करने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है।WHO ने पाया है कि इस वैरिएंट के शुरुआती जांच से पता चलता है कि जिन लोगों को पहले कोविड-19 हो चुका है उन्हें ‘ओमीक्रोन’ के साथ पुन: संक्रमण का खतरा है।

ऐसे लोग आसानी संक्रमित हो सकते हैं।हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा और अन्य प्रकारों की तुलना में ‘ओमीक्रोन’ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अधिक आसानी से फैलता है या नहीं।विश्व स्वास्थ्य संगठन टीकों पर इस प्रकार के संभावित प्रभाव को समझने के लिए तकनीकी भागीदारों के साथ काम कर रहा है।WHO का कहना है कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ‘ओमीक्रोन’ के संक्रमण से कोई अधिक गंभीर बीमारी हो रही है या नहीं।शुरुआती मामलों में जिन युवाओं में हल्के लक्षण होते हैं उनमें ‘ओमीक्रोन’ वैरिएंट की गंभीरता के स्तर को समझने में कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगेगाबता दें कि कोरोना वायरस के अबतक जितने भी वैरिएंट मिले हैं, उनमें ओमीक्रोन वैक्सीन को भी चकमा देने में सक्षम है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के आनुवंशिकीविद् प्रोफेसर फ्रेंकोइस बलौक्स ने कहा है कि वेरिएंट के स्पाइक में जिस तरह से बदलाव मिले हैं उससे मौजूदा कोरोना वैक्सीन इससे लड़ने में सक्षम नहीं है। क्योंकि वैक्सीन वायरस के पुराने स्वरूप से लड़ने के लिए बनाया गया है।

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