Wed. Aug 5th, 2020

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देश के दो नामी वकीलों ने टिक टॉक का केस लड़ने से किया इंकार

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कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क। 

नई दिल्ली।पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव होने के बीच लिए गए इस फैसले का देश के दो नामी अधिवक्ताओं ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि वो कोर्ट में टिक टॉक की ओर से पैरवी नहीं करेंगे. इन दोनों का नाम है पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉक्टर अभिषेक मनु सिंघवी। बता देें कि केंद्र सरकार ने टिक-टॉक सहित 59 चीनी मोबाइल ऐप्‍स पर प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव होने के बीच लिए गए इस फैसले का देश के दो नामी अधिवक्ताओं ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि वो कोर्ट में टिक टॉक की ओर से पैरवी नहीं करेंगे। इन दोनों का नाम है पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉक्टर अभिषेक मनु सिंघवी। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वो चीनी ऐप टिक टॉक की तरफ से कोर्ट में पैरवी नहीं करेंगे। सिंघवी ने बताया कि टिक-टॉक के लिए उन्होंने एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी और वे जीते भी थे। हालांकि, इस दफा वो कोर्ट में चीनी ऐप के लिए खड़े नहीं होंगे। बता दें कि चीनी कंपनी बाइटडांस , जो मोबाइल एप्लिकेशन टिक टॉक की ओनर कंपनी है, उसके लिए सिंघवी ने अदालत में पैरवी की थी, जब मद्रास हाई कोर्ट के एप्लीकेशन डाउनलोड को प्रतिबंधित करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। इससे पहले देश के शीर्ष वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शुमार पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने भी चीनी ऐप टिक-टॉक का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया। रोहतगी ने कहा कि वह एक चीनी ऐप के लिए भारत सरकार के खिलाफ अदालत में खड़ा नहीं होंगे। टिक-टॉक ने मामले की पैरवी के लिए रोहतगी से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने सरकार के खिलाफ पेश होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वह नहीं चाहते कि भारत सरकार के खिलाफ वो किसी चीनी कंपनी का प्रतिनिधि बनें।

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