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Wednesday, January 26, 2022

PM मोदी की सुरक्षा में चूक बताने वाले पहले ये तो पढ़ लें कि क्या होता है VIP रूट का प्रोटोकॉल ?

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कवरेज इंडिया न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पंजाब दौरे पर पहुंचे तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क के रास्ते हुसैनीवाला जाते समय पीएम मोदी का रास्ता रोक दिया. इसकी वजह से उनका काफिला करीब 15-20 मिनट यहां रुका रहा. इसे मोदी की सुरक्षा में भारी चूक बताई जा रही है. आइये हम आपको बताते हैं कि VIP रूट का क्या प्रोटोकॉल होता है?

क्या है VIP रूट का प्रोटोकॉल?

हमेशा कम से कम दो रूट तय होते हैं।

किसी को रूट की पहले जानकारी नहीं होती।

अंतिम समय में SPG रूट तय करती है।

किसी भी समय SPG रूट बदल सकती है।

SPG और स्टेट पुलिस में कॉर्डिनेशन रहता है।

स्टेट पुलिस से रूट क्लियरेंस मांगी जाती है।

पूरा रूट पहले से क्लियर किया जाता है।

VIP रूट पर कैसी होती है पीएम की सुरक्षा?

प्रधानमंत्री का रूट करीब 7 घंटे पहले तय होता है।

पीएम के रूट का वैकल्पिक मार्ग भी तय रहता है।

वैकल्पिक रूट पर भी मेन रूट की तरह पूरे इंतजाम किए जाते हैं।

3-4 दिन पहले एसपीजी पूरे रास्ते का अवलोकन कर रूट तय करती है।

रूट बदलता है तो एसपीजी इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को शेयर करती है।

अंतिम समय तक ये तय नहीं होता कि पीएम किस रूट से निकलेंगे।

पीएम के तय रूट पर पहले से ही रिहर्सल होता है।

लोकल पुलिस सड़क के दोनों तरफ मुस्तैद रहती है।

4 से 5 घंटे पहले ही दोनों तरफ पुलिस तैनात होती है।

हर 50 से 100 मीटर की दूरी पर पुलिस वाले तैनात किए जाते हैं।

10 से 15 मिनट पहले रूट पर ट्रैफिक रोक दी जाती है।

सुरक्षा घेरे में बाहरी घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होती है।

पीएम के काफिले के आगे दिल्ली या संबंधित राज्य की पुलिस की गाड़ियां चलती हैं।

स्थानीय पुलिस ही आगे का रूट क्लीयर करती हैं।

स्थानीय पुलिस ही एसपीजी को रास्ते पर आगे बढ़ने की सूचना देती है।

स्थानीय पुलिस की सूचना को फॉलो करते हुए ही काफिला आगे बढ़ता है।

अगर किसी तय रूट मेन कोई प्रॉब्लम है तो एसपीजी अल्टरनेट रूट का इस्तेमाल करती है।

अगर पीएम हवाई जहाज़ से यात्रा कर रहे होते हैं तो मौसम खराब होने पर भी वे वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल करते हैं।

मौसम खराब होने पर सड़क मार्ग से ही यात्रा करते हैं, जो पहले से ही तय रहते हैं।

प्रधानमंत्री को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी SPG की होती है।

प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, एसपीजी के शूटर को हर कदम पर तैनात किया जाता है।

ये शूटर एक सेकेंड के अंदर आतंकियों को मार गिराने में सक्षम होते हैं।

पीएम जहां भी जाते हैं लगभग 100 लोगों का एक दल उनकी सुरक्षा के लिए साथ होता है।

पीएम के काफिले में उनकी विशेष कार के समान ही दो डमी कारें भी चलती हैं।

पीएम के काफिले में एक जैमर गाड़ी भी साथ चलती है।

जैमर के एंटीना सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर की दूरी पर रखे विस्फोटकों को डिफ्यूज करने की क्षमता रखते हैं।

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