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प्रयागराज। पॉजिटिव नेगेटिव के खेल में व्यवसाई की मौत, जिम्मेदार कौन!

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कुलदीप शुक्ला, कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क प्रयागराज।
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इसी कड़ी में आज प्रयागराज जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें मुट्ठीगंज इलाके के एक कोरोना संक्रमित मरीज के साथ न सिर्फ घोर लापरवाही हुई है बल्कि स्थिति यहां तक पहुंचा दी गई कि उसकी मौत हो गई। बता दें कि मुट्ठीगंज के एक 44 वर्षीय व्यवसायी सुरेश केसरवानी बैटरी के व्यवसाई हैं, उनके बेटे प्रांजल केसरवानी ने बताया कि 5 जुलाई को तबीयत खराब होने पर परिजनों ने कालिंदीपुरम में उनकी करोना जांच कराई।

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नमूना देने के 3 दिन तक रिपोर्ट नहीं आई, 8 जुलाई को हालत ज्यादा गंभीर होने पर घर के लोग सुरेश को लेकर स्वरूप रानी अस्पताल पहुंचे। जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया, 9 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, बेटे के मुताबिक 14 जुलाई को उसके पिता की फिर से जांच हुई है। इसमें उनकी करोना रिपोर्ट नेगेटिव हो गई लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं था। 15 जुलाई की शाम को डॉक्टरों ने सुरेश केसरवानी को लखनऊ रेफर कर दिया, डिस्चार्ज कार्ड में कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव भी लिखा गया। 16 जुलाई की सुबह परिजन सुरेश को लेकर लखनऊ पहुंचे, लेकिन वहां किसी अस्पताल ने उन्हें भर्ती नहीं किया। बेटे ने बताया कि एक अस्पताल में भर्ती करने से पूर्व डॉक्टरों ने सुरेश की फिर से करोना जांच की।

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हैरानी की बात यह है कि यहां हुई रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर उन लोगों ने भी लौटा दिया, परिजन सुरेश को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे और अंततः 17 जुलाई की रात में एक अस्पताल के गेट पर उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर शनिवार को का स्वरूप रानी अस्पताल पहुंचे, यहां शव को सील किया गया इसके बाद पूरे प्रोटोकॉल के साथ दोपहर में अंतिम संस्कार कर दिया गया । सुरेश की रिपोर्ट नेगेटिव से पाजिटिव कैसे हो गई यह न तो जिले के नोडल अधिकारी ऋषि सहाय को पता है और ना ही कोविड-19 इंचार्ज स्वरूप रानी अस्पताल डॉक्टर मोहित जैन को।

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पढ़िए क्या बोले जिमेदार

हमारी जांच में उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी, तभी तबीयत ठीक ना होने पर रेफर किया गया था। अब वहां जांच में फिर से कैसे पाजिटिव रिपोर्ट आ गई यह हमें भी समझ में नहीं आ रहा है, इस विषय की जांच हो रही है –

डा. मोहित जैन
कोविड इंचार्ज, स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल, प्रयागराज।

इस तरह का यह पहला मामला है, नेगेटिव से फिर पॉजिटिव होना हैरान करने वाली बात है। दोनों प्रयोगशाला की रिपोर्ट की जांच की जा रही है।

डा. ऋषि सहाय
नोडल अधिकारी, कोविड 19 प्रयागराज

 

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