Mon. Aug 10th, 2020

कवरेज इंडिया

खबर पल-पल की

मुक्त विश्वविद्यालय में कुलपति ने किया राजर्षि टंडन की प्रतिमा का अनावरण

1 min read

कुलदीप शुक्ला, कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क प्रयागराज। 

बहुआयामी व्यक्तित्व से संपन्न एवं भारत तथा भारतीयता के सेवक भारत रत्न पुरुषोत्तम दास टंडन राष्ट्र के सजग प्रहरी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा हेतु समर्पित कर दिया। वर्तमान पीढ़ी एवं आने वाली पीढ़ी के लिए उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अनुकरणीय है।

उक्त वक्तव्य उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में उनके जन्मदिन पर उनकी प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर दिया। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि राष्ट्र के प्रति सेवा साधना एवं समर्पण के प्रति यदि किन्हीं कारणों से किसी का मन विचलित हो तो उसे राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समझना चाहिए। उनका मानना था कि हिंदी भारत की आत्मा है और औपनिवेशिक सोच एवं मानसिकता से उबरने के लिए हिंदी का संवर्धन अनिवार्य है। हिंदी के साथ-साथ वे अन्य भारतीय भाषाओं को विकसित करने के पक्षधर थे।

भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति में मातृभाषा के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा का प्रावधान करके राजर्षि टंडन के प्रति सच्ची कृतज्ञता ज्ञापित किया है। ज्ञातव्य है कि मुक्त विश्वविद्यालय में राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की प्रतिमा का अनावरण विश्वविद्यालय की स्थापना काल से ही प्रतीक्षित था, जो आज पूर्ण हो गया। राजर्षि टंडन के जन्मदिन पर कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।

प्रतिमा अनावरण के अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी श्री अजय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, उपकुलसचिव इंजी सुखराम मथुरिया, संपत्ति अधिकारी डॉ अनिल सिंह भदौरिया, पाठ्य सामग्री प्रभारी डॉ एस कुमार, डॉ सतीश चंद जैसल,डॉ अभिषेक सिंह, डॉ प्रभात चंद्र मिश्र,श्री इंदु भूषण पांडे आदि ने सहभाग किया। इस अवसर पर सभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए राजर्षि टंडन के जन्मदिन पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *