November 23, 2020

कवरेज इंडिया

खबर पल-पल की

अर्नब के समर्थक जरूर पढें, ऐसा आपके साथ होता तो आप और आपका परिवार अर्नब के साथ क्या करते??

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कवरेज इण्डिया न्यूज़ डेस्क

अर्नब ने अपने ऑफिस का इंटीरियर जिस अन्वय नायक से करवाया उसने लोंन लेके पैसा लगाया। अर्नब ने उसका पैसा नहीं दिया लेकिन बैंक वालों ने उसका जीना मुश्किल कर दिया। अन्वय, अर्नब के सामने ख़ूब गिड़गिड़ाया, अपने परिवार का वास्ता दिया लेकिन अर्नब ने एक ना सुनी। उसने पुलिस का सहारा लिया लेकिन फडणवीस की भाजपा सरकार और अर्नब की भाजपा में पकड़ के आगे उसकी एक ना चली। वो अर्नब के ऑफिस जाके मांग करता लेकिन अर्नब को सरकार ने जो Y श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है वो किसी को मिलने भी नहीं देती।

 

अंत में निराश अन्वय नायक ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट (फोटो संलग्न) में अपनी माली हालात और अर्नब गोस्वामी द्वारा पैसे ना देने को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन फडणवीस सरकार ने इस मुद्दे को दबा दिया। ठाकरे की सरकार बनने पे अन्वय की बीवी ने गुहार लगाई तब जाके FIR हुईं। इसी केस में अर्नब को अरेस्ट किया गया है। जब सच छापने पे पत्रकारों पे कार्यवाही हो रही थी तब एडिटर्स गिल्ड संस्था सो रही थी और अर्नब के अरेस्ट होते ही तुरँत जाग गयी।

 

रिया चक्रवर्ती पे बेवजह हल्ला काटने वाले का तो खुद सुसाइड नोट में नाम है। अब ये हत्यारा नहीं है क्या ? अब पूछता है भारत… #कालचक्र

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